सम्पादकीय
कांग्रेस आंकड़ो के खेल में बीजेपी से हिमाचल में बहुत आगे : 
कमल शर्मा
Political analysis
सियासत में कभी भी कुछ भी हो सकता है हिमाचल की राजनीति में अब कांग्रेस डैमेज कंट्रोल में जुट गई है, परिवार की बहुत दुखद घटना के बाद उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के अब सक्रिय और फ्रंट फुट पर आने से हिमाचल में कांग्रेस के भीतर का तूफान थमने लगा है जाहिर है मुकेशअग्निहोत्री एक ऐसा चेहरा है जो सब को मनाने और बात चीत से समस्या का हल ढूढने की महारथ रखते है अब कांग्रेस में मुकेश अग्निहोत्री को पोलटिकल अफेयर कमेटी का चेयरमैन बनाने के उपरांत मुकेश अग्निहोत्री ने जिस तेजी से कार्य को आगे बढ़ाने का काम किया है अब कांग्रेस के भीतर इस के परिणाम भी दिखने शुरू हो गए है। सूत्रों की खबर के अनुसार राजा वीर भद्र सिंह की पुश्तैनी मंडी लोक सभा सीट पर से “राजमाता” प्रतिभा सिंह के चुनाव लड़ने के शत प्रतिशत सम्भावना है उनको मनाने के प्रयास जारी है पोलटिकल अफेयर कमेटी के सदस्य चेयरमैन मुकेश अग्निहोत्री मंत्री जगत सिंह नेंगी मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान कमेटी के सदस्य, उनको (प्रतिभा सिंह को) मंडी सीट से चुनाव लड़ने के लिए राजी कर रहे है बता दे “हाईकमान” के आदेश न टालने की बात पहले भी मंडी सीट की सांसद प्रतिभा सिंह कह चुकी है वो आदेश नही टालते है,कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के इन बयानों ने कांग्रेस पार्टी में एक नई ऊर्जा भर दी है वही बीजेपी की संयोजित सारी चाले अब हिमाचल की राजनीति में धरी की धरी रह गई है “मिशन लोटस” के फेल होने से कांग्रेस अभी फिलहाल कम्फेटेबल जोन में है बीजेपी का ‘ए” और “बी” प्लान पूरी तरह से फेल हो गया है और कांग्रेस विधानसभा में आंकड़े के खेल में बहुत आगे है,लोगों की राय में भी 5 साल के लिए चुनी हुई सरकार गिरनी नही चाहिये,इस लिए कांग्रेस पर इस परिवेश में कोई खतरा सरकार पर आता नजर नही आ रहा है। लेकिन बीजेपी का अगला प्लान भी जारी है से भी इंकार नही किया जा सकता, जिस को भी नजर अंदाज नही किया जा सकता राजनीति में चर्चाओं के आधार को भी नकारा नही जा सकता है ये सारी बाते उपचुनाव के बाद तक कि है ऐसे में कांग्रेस को अतीत से सबक सीखना होगा, किस ने क्या कहा, क्या हुआ इस पोस्टमार्टम में उलझे रहने का सीधा लाभ बीजेपी को मिल रहा है,उधर कांग्रेस का अच्छा चाहने वालो का भी यही कहना है इन सब चर्चाओं पर विराम लगना अतिआवश्यक है।काबिले गौर है राजा वीरभद्र सिंह के परिवार ने हिमाचल में मंडी लोकसभा सीट का उप चुनाव विपरीत स्थिति में भी लड़ने से इंकार नही किया था हालाकि राजमाता प्रतिभा सिंह और उनके परिवार के लिए वो समय बहुत दुख भरा था, हिमाचल शोक में था 6 बार के मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह का अकस्मात निधन के 2 दो महीने बीते थे तब भी इस परिवार ने कांग्रेस को लोकसभा के लिए पीठ नही दिखाई हिमाचल में बीजेपी की जयराम सरकार थी केंद्र में भी इनकी ही सरकार थी प्रतिभा सिंह को मंडी की जनता ने जीत दिलाई और प्रतिभा सिंह संकट के बावजूद भी पीछे नही हटी जाहिर है “जनता की भावना को मोड़ा नही जा सकता सरकार और कांग्रेस पार्टी को दोनों पहलुओं पर भी सोचना होगा ये बात सिद्ध है मंडी में राजमाता प्रतिभा सिंह से बड़ा चेहरा बीजेपी से टक्कर लेने के लिए फिलहाल कांग्रेस में दिख नही रहा है भले ही कांग्रेस के नेता के बयान आए है अगर वो नही लड़ती है तो कांग्रेस के पास उम्मीदवारो की कमी नही है, ऐसी स्थिति में ऐसे बयानों ने भी आज कांग्रेस के भीतर आग पर घी डालने का काम किया है,मुख्यमंत्री को खुश करने की कोशिश में अपनी नजदीकियां बढ़ाने की फिराक में इस बयान को जनता में इस नजर से देखा जा रहा है, जानकारों का माने तो प्रतिभा सिंह का जनाआधार प्रदेश भर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच बरकरार है।कांग्रेस को हिमाचल में सत्ता आने के बाद से अब बहुत संभल कर चलने की भी जरूरत है ,नेता तभी कुर्सी पर और संगठन और सरकार में सकून से रह पाएगे जब सब को साथ ले कर चलने की नीति को अपनाया जाएगा, जाहिर है माहौल बदला है लोगों को अब भी 6 बार के मुख्यमंत्री रहे राजा वीरभद्र सिंह की आदत है जो कभी लोगो पर मिलने या न मिलने का अंकुश नही लगते थे। अभी लोगो की हिमाचल में आदत नही बदली है बेशक सरकार और कुछ नेताओं का काम काज करने का तरीका बदला हो,समय बदला है लेकिन लोगों की आदत बदलने में समय लगेगा, तब के मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह के आदर्शों को जनता नही भूली है। जाहिर है अब हिमाचल प्रदेश में पोलटिकल अफेयर कमेटी के बनने से कांग्रेस के पक्ष में अच्छे परिणाम आने शुरू हो जाएगे ऐसी संभावना बनी हुई है प्रतिभा सिंह के चुनाव लड़ने की अभी भी कांग्रेस परिवारों की उम्मीद बरकरार है।
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