प्रभावितों को क्षति का तुरन्त मुआवजा देकर राहत प्रदान की जाए: संजय चौहान
ब्यूरो/रिपोर्ट
Cnbnews4 himachal:(15 जून):- संजय चौहान जिला सचिव भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) ने तूफान ओलाबृष्टि से हुए नुकसान पर कहा भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी हाल ही में प्रदेश में आंधी तूफान, ओलावृष्टि व भारी वर्षा से हुए भारी नुकसान पर गंभीर चिंता व्यक्त करती है

तथा सरकार से मांग करती है कि प्रभावितों को इस क्षति का तुरन्त मुआवजा देकर राहत प्रदान की जाए। इस प्राकृतिक आपदा से सैंकड़ो घर व गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुएं है तथा फलों व अन्य फसलों जिसमे मुख्यतः सेब, पल्म, चेरी, आड़ू, नाशपाती, बादाम, खुमानी आदि फलों को अत्यंत क्षति हुई है। पेड़ों से फल झड़ गए हैं और हजारों पेड़ तूफान की चपेट में आने से उखड़ गए हैं जिससे किसानों व बागवानों को करोड़ों रुपए की क्षति हुई है। सीपीएम सरकार से मांग करती है कि प्रभावितों की तुरन्त इस भारी क्षति के नुकसान की भरपाई करे व जहाँ फसल बीमा योजना में बीमा किया गया है वहाँ बीमा कंपनी को तुरन्त मुआवजा देने के आदेश जारी करे अन्यथा पार्टी किसानों व बागवानों को लामबंद कर इसके लिए आंदोलन करेगी।
संजय चौहान ने कहा इस आंधी तूफान, ओलावृष्टि व भारी वर्षा से शिमला, मण्डी, कुल्लू, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर जिलों में भारी नुकसान हुआ है। शिमला जिला की ठियोग, कुमारसैन, कोटखाई, जुब्बल, रोहड़ू, चिड़गांव, चौपाल, रामपुर, ननखड़ी व इसके साथ लगती अन्य तहसीलो में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। घरों की छतें उड़ने से कई परिवार बेघर हो गए हैं व गौशालाओं को भारी क्षति हुई है और कई किसानों के पशुओं की मौत भी हुई है। इस तूफान, भारी वर्षा व ओलावृष्टि से सेब व अन्य फलों के झड़ने व पौधे उखड़ने से किसानों व बागवानों को करोड़ो रूपये की क्षति हुई है।
संजय चौहान कहा एक आंकलन के अनुसार पिछले समय में भी लगभग समूचे प्रदेश में भारी ओलावृष्टि, बर्फबारी, भारी वर्षा व आंधी तूफान से फलों, सब्जियों व अन्य फसलों को करीब 70 प्रतिशत तक क्षति पहुंची थी जोकि लगभग 1500 करोड़ रुपए के करीब बनता है और सरकार द्वारा भी इसका कुछ आंकलन किया गया है जोकि करीब 250 करोड़ रुपए के लगभग है। परन्तु सरकार द्वारा आज तक इस क्षति का किसी भी प्रकार का मुआवजा व सहायता प्रभावित किसानों व बागवानों को प्रदान की गई है। यह सरकार के किसान व बागवान विरोधी रवैये को स्पष्ट करता है।
उन्होनें बल दे कर कहा यदि सरकार आज संकटग्रस्त किसानों व बागवानों को सहायता प्रदान नहीं करती तो प्रदेश में कृषि का संकट और गहरा होगा और लाखों परिवार जो कृषि व बागवानी से अपना रोजगार अर्जित करते हैं उनको रोजगार का संकट बढ़ जाएगा और वह भी अन्य राज्यों के किसानों की तरह ही अतिवादी कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। संजय चौहान ने कहा सरकार तुरन्त अपना संवैधानिक दायित्व का निर्वहन कर प्रभावितों को मुआवजा व सहायता प्रदान कर राहत प्रदान करे।—-

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